क्रांतिमान पार्क में छात्रों की बड़ी बैठक, विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा
हिसार: हरियाणा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर सोमवार को हिसार के क्रांतिमान पार्क में 'छात्र हित महापंचायत' का आयोजन किया गया। विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में न केवल छात्र नेता, बल्कि खाप प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे हैं।
दमन के खिलाफ एकजुट हुए छात्र संगठन
इनसो (INSO) के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और इसका एकमात्र उद्देश्य छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की आवाज को तानाशाही पूर्ण तरीके से दबाया जा रहा है।
प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप
महापंचायत के दौरान छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए:
-
गन पॉइंट पर गिरफ्तारी: दीपक मलिक ने आरोप लगाया कि जीजेयू (GJU) प्रकरण के बाद छात्रों को इस तरह गिरफ्तार किया गया जैसे वे कोई बड़े अपराधी हों। उन्होंने दावा किया कि छह छात्रों को रात के समय गन पॉइंट पर उठाया गया, जिनमें से पांच का नाम तो एफआईआर (FIR) में भी नहीं था।
-
दहशत का माहौल: आरोप है कि पुलिस ने केवल दहशत पैदा करने के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों के घरों में पिस्तौल के साथ प्रवेश किया, जबकि शांतिपूर्ण संवाद की अनुमति मांगने वालों पर संगीन धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए।
विश्वविद्यालयों के 'भगवाकरण' पर तीखा प्रहार
महापंचायत में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हालिया घटनाक्रम का भी जिक्र किया गया। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया:
-
पक्षपातपूर्ण रवैया: वक्ताओं ने कहा कि जहाँ एक तरफ लोकतांत्रिक संवाद करने वाले छात्रों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष से जुड़े संगठनों के प्रदर्शनकारियों का कुलपति खुद स्वागत करते हैं।
-
नियुक्ति पर सवाल: छात्र संगठनों ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालयों में 'शिक्षाविद' होने के बजाय किसी विशेष विचारधारा (RSS) से जुड़ा होना कुलपति बनने की योग्यता बन गई है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ते 'भगवाकरण' के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।
